0

Dard-e-Dil

मुस्कुराने से भी होता है दर्द-ए-दिल बयां,
किसी को रोने की आदत हो ये जरूरी तो नहीं।
Muskurane Se Bhi Hota Hai Dard-e-Dil Bayaan,
Kisi Ko Rone Ki Aadat Ho Ye Jaroori To Nahi.

ग़म सलीके में थे जब तक हम खामोश थे,
जरा जुबान क्या खुली दर्द बे-अदब हो गए।
Gham Saleeke Mein The Jab Tak Hum Khamosh The,
Jara Jubaan Kya Khuli Dard Be-Adab Ho Gaye.

वो मेरी ग़ज़ल पढ़ कर पहलू बदल के बोले,
कोई छीने कलम इनसे ये तो जान ले चले हैं।
Wo Meri Ghazal Parh Ke Pehloo Badal Ke Bole,
Koi Chheene Kalam Inse Ye To Jaan Le Lete Hain.

पास जब तक वो रहे दर्द थमा रहता है,
फैलता जाता है फिर आँख के काजल की तरह।
Paas Jab Tak Wo Rahe Dard Thama Rehta Hai,
Failta Jata Hai Fir Aankh Ke Kajal Ki Tarah.

check out more Dard Shayari

You may like

  • Dil lagane ki saja
    रोने की सज़ा न रुलाने की सज़ा है;ये दर्द मोहब्बत को निभाने की सज़ा है;हँसते हैं तो आँखों से निकल आते… Continue Reading
  • Dard-e-Dil
    मुस्कुराने से भी होता है दर्द-ए-दिल बयां,किसी को रोने की आदत हो ये जरूरी तो नहीं।Muskurane Se Bhi Hota Hai Dard-e-Dil… Continue Reading
  • Pyar me bikharna
    जो नजर से गुजर जाया करते हैं;वो सितारे अक्सर टूट जाया करते हैं;कुछ लोग दर्द को बयां नहीं होने देते,बस चुपचाप… Continue Reading
  • Best Love Shayari
    Tumhe dekh ke होठो पे आयी ये बाततुम्हे देख के थम सी गयीपल भर के लिए एक बेचैनी सी छा गयी… Continue Reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *